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क्वॉरंटीन स्कूल – शिक्षण सुझाव पुड़िया #2

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आप समझे कि यह एप्रिल फूल था? जी नहीं! यह तो उपयुक्त समय है शौचालयों की देन, फूलों की गेम और पोस्टकार्ड पर मीम के बारे में जानने का!

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क्वॉरंटीन स्कूल – शिक्षण सुझाव पुड़िया
आकर्षक, रोमांचक और दिमाग़ की बत्ती खुजा देने वाले सीखने के ट्रिगर!
शुरुआत बुधवार, 1 अप्रैल, 2020 से
देखिए ज़रा!

बच्चे ऊब गए हैं, शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं और माता-पिता थक चुके हैं।

चाची मदद करने के लिए हाज़िर है!

क्वॉरंटीन स्कूल श्रृंखला की दूसरी शिक्षण सुझाव पुड़िया में हमारे पास तीन नए लर्निंग ट्रिगर्स हैं। इन्हें आदर्श रूप से माता-पिता या शिक्षकों द्वारा बच्चों के साथ बातचीत की शुरुआत के रूप में उपयोग किया जाना चाहिए। बच्चों की रूचि या आपके इच्छित शिक्षण उद्देश्य के आधार पर आप जो चाहें वो ट्रिगर चुन सकते हैं और अन्वेषण की यात्रा की ओर प्रारम्भ कर सकते हैं!

नीचे दिए लिंक से आप किसी भी ट्रिगर को खोल सकते हैं –

  1. ज़्यादा महान कौन – शौचालय या डाक्टर?
  2. क्या एक फूल की 6 पंखुड़ियाँ हो सकती हैं?
  3. पोस्टकार्ड पर भेजें मीम?

ज़्यादा महान कौन – शौचालय या डाक्टर? #

स्वच्छता एक अच्छी बात है - घर के बड़ों ने हमेशा हमसे सफ़ाई रखने के लिए कहा है। भारत सरकार ने तो हमारे देश के हर कोने को स्वच्छ बनाने के लिए स्वच्छ भारत अभियान भी चलाया।

  1. लेकिन हमें अपने आस-पास सफ़ाई क्यों रखनी चाहिए? हमें शौच शौचालय में ही क्यों करना चाहिए? अगर आपके घर में शौचालय नहीं हो तो क्या होगा? आप के आस पास की गंध में क्या बदलाव आएगा? क्या यह आपके स्वास्थ्य को प्रभावित करेगा? मुझे पता है कि यह सवाल थोड़ा अजीब है लेकिन इसके बारे में सोच के तो देखिए!
  2. कहा जाता है कि शौचालय के अविष्कार ने दुनिया के सभी डॉक्टरों की तुलना में अधिक जीवन बचाए हैं! क्या आपको लगता है कि यह सच है? यह पता लगाने की कोशिश करो कि आस पास स्वच्छता की कमी से कौन से रोग होते हैं। क्या आप पता लगा सकते हैं कि हर साल कितने लोग दस्त से मर जाते हैं? इस लिंक पर जवाब है! क्या आप पता लगा सकते हैं कि गंदे पानी से कौन कौन सी बीमारियाँ होती हैं?
  3. शायद अब आपको दिख रहा होगा कि हाथ धोना इतना महत्वपूर्ण क्यों है! स्वच्छता से जुड़ी उन अच्छी आदतों की सूची बनाओ जो बीमारियों को रोकने में मदद करती हैं और इन्हें अपने परिवार के साथ साझा करो।

अब सोचिए कि अगर शौचालय ना होते तो हमें अक्सर कितनी सारी बीमारियों से जूझना पड़ता। अस्पताल तो भरे ही रहते। इस लिए बहुत से वैज्ञानिक शौचालय को इंसान के सब से महान अविष्कारों में गिनते हैं।


क्या एक फूल की 6 पंखुड़ियाँ हो सकती हैं? #

क्या आपने कभी फूल देखा है? बेशक देखा ही होगा। क्या आपने कभी फूलों की पंखुड़ियों को गिना है? अगर मैं आप से कहूँ कि दुनिया में कहीं भी 6 पंखुड़ियों वाला फूल नहीं है तो आप मानोगे? वास्तव में 4 पंखुड़ियों वाला भी कोइ फूल नहीं है। यहां तक कि 7 वाल भी नहीं है। लेकिन फूलों में 3, 5 या 8 पंखुड़ियां ज़रूर हो सकती हैं। विश्वास नहीं होता? चलिए पता करते हैं!

क्या आपने फिबोनाची श्रृंखला के बारे में सुना है? यह संख्याओं का एक समूह है जो एक सरल सूत्र का पालन करता है - प्रत्येक संख्या श्रृंखला में पिछली दो संख्याओं का योग है। यह ऐसा दिखता है - 0, 1, 1, 2, 3, 5, ...

  1. क्या आप को इन नंबरों में कोई पैटर्न दिख रहा है? क्या आप पता लगा सकते हैं कि अगला नंबर क्या होगा? श्रृंखला में अगले दस नंबर खोज कर देखिए।
  2. चलिए अब फूलों की पंखुड़ियों पर वापस जाते हैं। अपने आस पास कुछ फूल ढूंढें और नोट करें कि उनकी कितनी पंखुड़ियां हैं। क्या आप फूलों की पंखुड़ियों की संख्या और फिबोनाची श्रृंखला की संख्याओं के बीच कोई संबंध देख सकते हैं? क्या आपको जादू दिख रहा है? क्या अब आप मेरी बात पर विश्वास करते हैं? क्या आप देख सकते हैं कि फूलों में 6 पंखुड़ियाँ क्यों नहीं होती?
  3. क्या आप कुछ और जादू देखना चाहेंगे? हर फिबोनाची संख्या को उससे पिछली संख़या से विभाजित करो। तो पहले 1 को 1 से भाग करो, फिर 2 को 1 से, फिर 3÷2, और इसी तरह से आगे करते चलो … एक कैलकुलेटर का उपयोग करें और पहले 15 नंबरों के लिए ऐसा करें। अब ऑनलाइन “golden ratio” (सुनहरा अनुपात) खोजें और पता करें कि इसका मूल्य क्या है। क्या आप सुनहरे अनुपात और आप के द्वारा विभाजित की गयी संख्याओं के बीच समानता देख पा रहे हैं?

फिबोनाची श्रृंखला और सुनहरे अनुपात के और बहुत से जादुई गुण हैं। इनके बारे में और जानने के लिए आप यह विडीओ देख सकते हैं।


पोस्टकार्ड पर भेजें मीम? #

क्या आपने कभी पोस्टकार्ड देखा है? पोस्टकार्ड संचार और कला का एक अद्भुत संयोजन हैं। वट्सएप, फेसबुक मैसेंजर और इंस्टाग्राम जैसी सेवाओं ने इंस्टेंट मैसेजिंग में एक क्रांति का नेतृत्व किया है, लेकिन हमेशा ऐसा नहीं था - आपको अपने संदेश पर प्रतिक्रिया प्राप्त करने से लिए कई हफ्तों तक इंतजार करना पड़ता था! यह उबाऊ लग सकता है लेकिन वास्तव में यह बहुत रोमांचक है!

  1. अपने परिवार के बड़ों से पूछो कि क्या उन्होंने कभी किसी को पोस्टकार्ड भेजा है? पोस्टकार्ड से संबंधित उनकी पसंदीदा यादों का पता लगा के देखो!
  2. क्या आप जानते हैं कि एक पोस्टकार्ड की कीमत केवल 50 पैसे है? यह तो एक आम टॉफी और चॉकलेट से भी सस्ता है! आपको क्या लगता है कि यह इतना सस्ता कैसे है जब कि इसे बनाने और एक जगह से दूसरी जगह पहुँचाने में इतना प्रयास शामिल है?
  3. यदि आपको अपने मित्र को एक पोस्टकार्ड लिखना हो तो आप उन्हें क्या लिखेंगे? शायद आप उन्हें एक चुटकुला सुना सकते हैं। या फिर एक मीम सकते हैं! पर एक पोस्टकार्ड पर मीम कैसे साझा करेंगे? इसके बारे में सोचो!
  4. यह जानने की कोशिश करें कि भारत में डाक संचार के और कौन से साधन उपलब्ध हैं। भारतीय डाक की वेब्सायट पर जा कर देखो।
  5. क्या आपको लगता है कि लोग इन दिनों पोस्टकार्ड का इस्तेमाल करते हैं? ये लोग कौन हैं और पोस्टकार्ड के साथ क्या करते हैं? यह लेख पढ़िए और जानिए।


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